बीकानेर

बीकानेर : गौशाला को लेकर नगर निगम अधिकारियों व पार्षदों के बीच खींचतान,गुटों में बंटे पार्षदों ने किया प्रदर्शन,देखे विडियो

आर्यव्रत न्यूज़,बीकानेर। पिछले कई महिनों से नंदी गौशाला को लेकर नगर निगम अधिकारियों व पार्षदों के बीच चल आ रही खींचतान आज सड़कों पर आ गई। जिसके चलते लॉकडाउन में कांग्रेस-भाजपा पार्षदों सहित निर्दलियों पार्षदों ने महापौर सुशीला कंवर व उपमहापौर राजेन्द्र पंवार की अगुवाई में पहले निगम और बाद में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। नाराज पार्षदों ने रोष जताया कि नंदी गौशाला में बुधवार को हुए प्रकरण के लिये उपायुक्त जगमोहन हर्ष को दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का ज्ञापन पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा को सौंपा। ज्ञापन में अवगत करवाया गया है कि उपायुक्त ने महापौर व कांग्रेस पार्षद चेतना चौधरी के साथ वार्ता के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया। साथ ही गाली गालौच की। यहीं नहीं इस प्रकरण को लेकर गुरूवार को जब सभी पार्षदों ने आयुक्त खुशाल यादव से वार्ता करनी चाही तो निगम के अधिकारी नदारद रहे। यहां तक यादव ने महापौर का फोन उठाना तक उचित नहीं समझा। निगम अधिकारियों द्वारा जन प्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अशोभनीय है। महापौर सुशीला कंवर ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जनप्रतिनिधि चुप नहीं बैठेंगे। पुलिस अधीक्षक ने महापौर को मामले की जांच करवाकर कार्यवाही का आश्वासन दिया।

बंटे बंटे नजर आएं पार्षद
निगम परिसर के गांधी हॉल में प्रदर्शन से पहले हुई बैठक में अनेक पार्षदों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। अंदरखाने की बात ये है कि कांग्रेस के प्रतिपक्ष की दौड़ में शामिल होने वाले पार्षदों के अलावा भाजपा के महापौर-उपमहापौर की रेस वाले अनेक पार्षदों की अनुपस्थिति पार्षद एकजुटता को दर्शा रही थी। वहीं निगम में मौजूद लोगों में यह चर्चा भी थी कि नंदी गौशाला के प्रकरण को लेकर एक पार्षद निगम को नाच नचा रहा है। तो कुछ निर्दलिय पार्षद इस प्रकरण में राजनीतिक रोटियां तक सेक रहे है।

क्या यहीं रहेगा निगम का इतिहास
गौर करने वाली बात तो ये है कि निगम में राजनीतिक उठापठक का यह खेल पिछले 15 सालों से चल रहा है। मजे की बात भाजपा के सभापति व महापौर को अपने ही पार्षदों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है और कांग्रेस के पार्षदों के सहारे की कई दफा पिछले महापौर ने अपने कार्यकाल निकाले। तो इस दफा उससे उल्टा चल रहा है। जब भाजपा महापौर को कुछ निर्दलिय तो कुछ कांग्रेस के पार्षदों के सहारे अधिकारियों से आमने सामने हो रही है।

वर्जन
उपायुक्त जगमोहन हर्ष के खिलाफ अनेक विभागीय भ्रष्टाचार है। जिनको उजागर होने के डर से निगम में इस प्रकार का वातावरण बनाया जा रहा है। अब पार्षद उनकी अभद्रता के चलते हर्ष के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे और इनके खिलाफ मामला दर्ज करवाकर निष्पक्ष जांच करवाएंगे। सुशीला कंवर राजपुरोहित महापौर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp chat
Close