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5 राज्यों ने नहीं किया राजस्थान के होमगार्ड के मानदेय का भुगतान, अटके 6 करोड़! पढ़े पुरी खबर…

आर्यव्रत न्यूज़,जयपुर :- विधानसभा चुनावों में सुरक्षा उपलब्ध करवाकर राजस्थान ने अपना पड़ोसी धर्म निभाया लेकिन देश के पांच राज्य अपना कर्तव्य भूल गए.

हालत यह है कि राज्य के होमगार्ड-बॉर्डर होमगार्ड के मानदेय की छह करोड़ से ज्यादा राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं. पिछले पंद्रह साल से अटकी इस रकम के भुगतान के लिए राजस्थान से दर्जनों बार पत्र लिखे जा चुके हैं. अब एक बार फिर राज्य के प्रमुख सचिव गृह ने डीओ लेटर लिखकर अटकी राशि मांगी है.

देश के किसी भी राज्य में विधानसभा या लोकसभा चुनाव हो, सुरक्षा बंदोबस्त के लिए दूसरे राज्यों से सशस्त्र फोर्स मांगी जाती है. राज्य के एक-दूसरे से भी सीधे तौर पर फोर्स मांग लेते हैं या फिर गृह मंत्रालय के दखल के बाद सुरक्षा बल भेजे जाते हैं. राजस्थान से भी समय-समय पर उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्म कश्मीर, कर्नाटक और केरल के लिए बॉर्डर होमगार्ड-होमगार्ड जवान भेजे गए. राजस्थान ने पड़ोसी राज्यों में विधानसभा चुनावों के दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए बॉर्डर होमगार्ड-होमगार्ड जवान उपलब्ध करवाकर अपना पड़ोसी धर्म निभाया लेकिन अब ये राज्य होमगार्ड की मानदेय राशि देने में अंगूठा दिखा रहे हैं. राजस्थान की पांच राज्यों में छह करोड़ से ज्यादा राशि अटकी हुई है.

मुख्य बिंदु
–  राजस्थान सरकार, पंजाब, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक और केरल से 6 करोड़ 4 लाख 41 हजार रुपये मांग रही है.
– विधानसभा चुनावों में इन पांच राज्यों को उपलब्ध कराए होमगार्ड के मानदेय की ये राशि है.
–  पंजाब में वर्ष 2005, 2007 और 2012 में भेजे गए होमगार्ड के 1 करोड़ 10 लाख 75 हजार बकाया हैं.
– वहीं उत्तर प्रदेश पर वर्ष 2007, 2009 और 2012 के विधानसभा में सुरक्षा उपलब्ध कराई. इसके पेटे 2 करोड़ 88 लाख 11 हजार बकाया चल रहे हैं.
– कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 2008 के 53 लाख 92 हजार बकाया चल रहे हैं.
– जम्मू एंड कश्मीर विधानसभा चुनाव 2014 के 68 लाख 41 हजार रुपये बकाया हैं.
– वहीं केरल ने विधानसभा चुनाव 2016 के 83 लाख 22 हजार का भुगतान नहीं किया है.
– इस बकाया राशि को भेजने के लिए इन राज्यों को सैंकड़ों बार पत्र लिखे जा चुके हैं.
– उत्तर प्रदेश को वर्ष 2012 से अब तक लगभग 25 बार पत्र लिखे जा चुके हैं.
–  कर्नाटक को वर्ष 2012 से अब तक 16 बार पत्र लिख चुके हैं.
– यही हाल पंजाब का है, जिसे अब तक दो दर्जन से ज्यादा बार पत्र लिखे गए हैं.
-इसी प्रकार केरल और जम्मू कश्मीर सरकार को भी बकाया राशि भेजने के लिए एक दर्जन से ज्यादा पत्र लिख जा चुके हैं.
– हालांकि इनमें उत्तर प्रदेश ने एक करोड़ 43 लाख रुपये का भुगतान किया भी है, जो पूरे बकाया के सामने ऊंट के मुंह में जीरे के समान है.

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