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धनतेरस 2018: धनतेरस पूजन शुभ मुहूर्त, इस पूजा से प्रसन्न होंगी लक्ष्मी, भरेगा धन का भंडार पढ़े पुरी खबर…

आर्यव्रत न्यूज़,ज्योतिष :- समुद्र मंथन से उत्पन्न लक्ष्मी को धन-धान्य की अधिष्ठात्री कहा गया है। मौजूदा परिवेश में धन व समृद्धि के बगैर जीवन जीना वास्तव में कठिन ही नहीं बल्कि असंभव सा हो गया है। धन न केवल जीने के लिए आवश्यक है, बल्कि मात्र दुनिया में यही ऐसा है, जो करोड़ों दोषों को दूर करता है और समाज में प्रसिद्धि व यश भी दिलाता है। धनतेरस के दिन श्री की साधना के लिए किए जाने वाले कुछ अनुभूत प्रयोग जो आपके लिए निश्चय ही आपके लिए परम लाभदायी सिद्ध होंगे —

ऐसे करें श्री की साधना
धनतेरस के दिन किसी भी स्थिर लग्न में पूजा घर को साफ-सुथरा कर, भक्ति व श्रद्धापूर्वक महालक्ष्मी से यह प्रार्थना करें कि हे जगत जननी! आप मुझ पर प्रसन्न होवे। मैं किसी विधि-विधान से परिचित नहीं हूं। अतः यदि मुझसे कोई त्रुटि हो तो क्षमा करिएगा। यह मन में संकल्प लेकर निश्चित कर लें कि दीपावली के महानिशीथ काल तक मैं ‘श्री सूक्तम् ’ का 160 बार जाप करूंगा, यदि अधिक कर सकते है तो यह संख्या सामर्थ्य के अनुसार 240, 360, 540 आदि कर सकते हैं।

व्यापारिक घाटे से उबरने के लिए
यदि बीते साल आपको बिजनेस में बहुत ज्यादा घाटा हुआ है और आप इस समय बहुत आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं तो आप निम्न मंत्र का 80,000 अस्सी हजार जाप करके हवन करें। आपको चमत्कारिक परिणाम मिलेगा।
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम् ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

इस उपाय से दूर होगा कर्ज
यदि आप कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और तमाम कोशिशों के बावजूद भी श्रम के मुताबिक धन अर्जित नहीं हो पा रहा है या आय से अधिक व्यय हो रहा है, तो आप इस उपाय को अवश्य करें। धनतेरस के दिन किसी शुभ स्थिर लग्न से श्री सूक्तम् या कनकधारास्तोत्रम् का पाठ प्रारंभ करें। धनतेरस के दिन 11 पाठ, हनुमान जयंती के दिन 22 पाठ, दीपावली के दिन 111 पाठ या 64 पाठ, गोवर्धन पूजा के दिन 55 पाठ, भाई दूज के दिन 33 पाठ करें। ध्यान रहे कि प्रातः तथा रात्रि में नियमित रूप से पांचो दिन महालक्ष्मी की आरती अवश्य करें।

इस उपाय से दूर होगी गरीबी
यदि आप लगातार गरीबी के संकट से गुजर रहे हैं और आपके दुखों का अंत नहीं हो रहा है तो आप इस धनतरेस इस उपाय को अवश्य करके देखें। यदि बिजनेस में सब कुछ डूब गया हो या आप बेरोजगार हों और मन हमेशा चिंता से घिरा रहता है तो इस धनतेरस इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। निश्चय ही मां जगदंबा आपका कल्याण करेंगी।

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजंतोः
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभांददासि।
दारिद्रयदुःखभयहारिणी का त्वदन्या।
सर्वोपकारकरणाय  सदाऽऽद्र्रचित्ता।।

मंत्र संख्या 24000, 54,000, 1,25,000 सामर्थ्य  के अनुसार पहले ही निर्धारित कर लें।

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