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राजस्थान के 9 जिलों में दूर होगा पेयजल संकट, सरकार ने दी 50-50 लाख रुपये की मंजूरी पढ़े पुरी खबर…

आर्यव्रत न्यूज़,जयपुर :- आगामी गर्मियों के मौसम में राजस्थान के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार की तैयारी है. सभी जिलों में आकस्मिक कार्यों के लिए 50-50 लाख रुपये की राशि खर्च करने की स्वीकृति प्रदान की है.

इसके तहत जिला कलक्टर्स की अनुशंषा पर संबंधित क्षेत्र के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अपने अधीन आने वाले जिलों में 50 लाख रुपये तक की सीमा में पेयजल व्यवस्था से संबंधित आवश्यक कार्य करा सकेंगे.

50 लाख की सीमा के कार्य चिंहित हो
गर्मियां शुरू होती ही मरूधरा में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की होती है. खासकर रेगिस्तानी जिलो में जहां पानी का संकट पूरे साल रहता है. इसलिए राज्य सरकार मुश्किल समय से पहले ही तैयारी कर रहा है. जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने इसलिए आकस्मिक कार्यों के लिए हर जिले के लिए 50—50 लाख की राशि स्वीकृत की है. इनमें कलक्टर्स को अपने-अपने जिलों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 50 लाख रुपये की सीमा में आकस्मिक पेयजल व्यवस्थाओं के कार्य चिन्हित करते हुए उनकी सूची का अनुमोदन कर सकेंगे.

रेगिस्तानी 9 जिलों के लिए खास निर्देश
खास तौर पर आगामी मार्च महीने में 9 जिलों श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चुरू, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर और झुंझुनू के क्षेत्रों में इंदिरा गांधी नहर में प्रस्तावित नहरबंदी के मद्देनजर, संबंधित अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को इस दौरान पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए की जाने वाली आवश्यक व्यवस्थाओें के निर्देश दिए हैं और गतिविधियों की रिपोर्ट भी मुख्य अभियंता शहरी और ग्रामीण के माध्यम से भिजवाने के निर्देश दिए हैं.

अधिक उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
चीफ इंजीनियर सीएम चौहान ने बताया कि प्रत्येक जिले के लिए स्वीकृत धनराशि का उपयोग विभागीय नियमों और प्रावधानों का पालन करते हुए अधिकतम उपभोक्ताओं को लाभांवित करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा. अधिकारियों को स्वीकृत किए जाने वाले कार्यों को एक निश्चिगर्मियोंत समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे गर्मी के मौसम में प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा सके. सभी जिलों में 50 लाख रुपये की सीमा में ही खर्च की अनुमति होगी, अगर किसी स्थान इस सीमा के बाहर व्यय की आकस्मिक जरूरत होगी तो सक्षम स्तर से इस बारे में विचार करते हुए निर्णय लिया जाएगा.

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